कल से मिलेगी 2000 (दो हजार ) रूपए की दूसरी क़िस्त, PM Kisan Samman Nidhi Yojna (प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना ) में 4.74 करोड़ किसानों को मिलेगा लाभ | यहाँ क्लीक कीजिये और पूरी खबर पढ़िए -
मुज़फ्फरनगर के सिसोली में आज किसान पंचायत को सम्बोधित करते हुए राज्यपाल आचार्य देवव्रत ने कहा कि किसान वास्तविकता में स्वयं कृषि वैज्ञानिक हैं, जिन्होंने सदियों तक समाज को पोषित किया है तथा अपना योगदान दिया है।
राज्यपाल ने प्राकृतिक खेती के बारे में विस्तृत जानकारी दी तथा जीवनअमृत को तैयार करने के बारे बताया। उन्होंने कहा कि किसानों को रसायनिक तथा जैविक दोनों तरह की खेती का अनुभव है तथा इनके परिणाम उनके समक्ष हैं, इसलिए वह किसानों को शून्य लागत प्राकृतिक खेती को अपनाने की सलाह दे रहे हैं।
भारतीय किसान संघ के राष्ट्रीय प्रधान चौधरी नरेश टिकैत ने इस अवसर पर राज्यपाल का स्वागत किया तथा किसान समुदाय के कल्याण के लिए प्राकृतिक खेती के मॉडल की पहल करने के लिए उनका आभार व्यक्त किया।
राज्यपाल आचार्य देवव्रत ने कहा कि किसानों से सरल तथा पारम्परिक खेती का अनुसरण करने का आग्रह किया। इस खेती में किसी प्रकार का खर्चा शामिल नहीं है, क्योंकि यह शून्य लागत प्राकृतिक खेती है। उन्होंने कहा कि उन्होंने स्वयं अपनी 200 एकड़ भूमि पर इस खेती का कार्यान्वयन किया है तथा इस भूमि में उपजी फसलों के लिए निरतंर अच्छे दाम पाए हैं। खाद्यानों की गुणवत्ता उत्कृष्ट तथा मनुष्य उपभोग के लिए सर्वश्रेष्ठ है।
देश की केंद्र सरकार ने हाल ही में 1 फरवरी 2019 के बजट में (Farmer Benefits Schem 2019)प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि (पीएम-किसान) की शुरुआत की है। योजना के अंतर्गत देश के छोटे और सीमांत किसानों को आर्थिक सहायता के रूप में 6000 रूपये प्रति वर्ष दिए जायेंगे। प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना ऑफिसियल वेबसाइट / पीएम किसान निधि पोर्टल (Kisan.nic.in) लॉन्च कर दिया गया है। जिसमे लाभार्थी किसान 25 फरवरी से ऑनलाइन देख सकेंगे अपना नाम, 28 से ट्रांसफर होगी रकम ।इस pmkisan पोर्टल पर प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना से जुड़े सभी नियम और दिशा निर्देश दिए गए हैं। आने वाले लोकसभा चुनावों से पहले इस योजना को सुचारू रूप से लागू करने के लिए सरकार अलग-अलग एजेंसियों की मदद ले रही है।
देश के गरीब किसानों को नरेंद्र मोदी सरकार की तरफ से 6000 रूपये मिलने तो अब निश्चित है । क्योकि इसके लिए सरकार की और से सभी तैयारिया लगभग पूरी हो चुकी है । किसान सम्मान निधि योजना के लिए सरकार ने ऑफिसियल वेबसाइट को भी लांच कर दिया है ।अब प्रत्येक पात्र किसान के बैंक खाते में 2000-2000 हजार की 3 किस्तों में कुल 1 वर्ष में 6000 हजार रूपये की आर्थिक मदद आएगी ।
PM kisan samman nidhi Yojana का मुख्य उदेश्य छोटे और सीमांत किसानों की आय में बढ़ोतरी करना है। यह योजना छोटे और सीमांत किसानों को उनके निवेश और अन्य जरूरतों के लिए एक सुनिश्चित आय सहायता करते हुए पूरक आय प्रदान करेगी।जिससे उनकी उभरती जरूरतों को तथा विशेष रूप से फसल चक्र के पश्चात सम्भावित आय प्राप्त होने से पूर्व होने वाले खर्चो की पूर्ति में सहायक होगी ।
2 हेक्टेयर या उससे कम कृषि भूमि वाले किसानों को मिलेंगे 6000 रूपये प्रति वर्ष
1 साल में 6000 रूपये की कुल राशि को 2,000-2,000 रुपये की तीन किस्तों में दिया जाएगा
देश के लगभग 12 करोड़ छोटे किसान परिवारों को सीधे लाभ मिलेगा
इस योजना की शुरुआत 1 दिसंबर 2018 से लागू होगी।
किन किसानों को नही मिलेगा योजना का लाभ
नोट :- मल्टी टास्किंग स्टाफ, चतुर्थ श्रेणी और ग्रुप डी के कर्मचारियों को योजना का लाभ मिल सकेगा।
ऐसे बुजुर्ग जिनकी मासिक पेंशन 10,000 रुपए या इससे ज्यादा है उन्हें योजना का लाभ नहीं मिलेगा।।
इनके अलावा प्रोफेशनल बॉडीज के साथ रजिस्टर्ड डॉक्टर, इंजीनियर, वकील, चार्टर्ड अकाउंटेंट और आर्किटेक्ट जैसे प्रोफेशनल को भी इस योजना का लाभ नहीं मिलेगा।
इनकम टैक्स भरने वाले किसानों को इस योजना का लाभ नहीं मिलेगा।
किसी संवैधानिक पद पर आसीन किसानों को इस योजना का लाभ नहीं मिलेगा।
ऐसे किसान जो पहले या अब किसी म्यूनिसिपल कॉरपोरेशन के मेयर या जिला पंचायत के चेयरमैन रह चुके हैं ।
केन्द्र या राज्य सरकार से संबंधित किसी भी संस्था में काम करने वाले या रिटायर्ड कर्मचारी को लाभ नहीं मिलेगा।
खिरकिया मंडी | मंडी सचिव शर्मिला निनामा ने एक आदेश जारी कर अधिकांश व्यापारियों में हड़कंप मचा दिया है । किसानों को लगभग पूरा भुगतान नकद करने का आदेश दे दिया | मंडी सचिव ने मंडी बोर्ड के तीन महीने पुराने एक आदेश का हवाला देते हुए व्यापारियों को निर्देशित किया कि वे तत्काल प्रभाव से किसानों को अधिकांश भुगतान नकद राशि देकर करें। पत्र में लिखा है कि किसानों से खरीदी गई उपज की कुल राशि में से दस हजार का आरटीजीएस करें एवं शेष भुगतान फिर वह चाहे जितना भी हो नकद करें। इस प्रकार का आदेश सबके लिए खतरनाक साबित हो सकता है और यह बात किसी को पच नहीं रही है | सबसे पहले तो यह है कि आयकर अधिनियम के तहत कोई भी व्यक्ति किसी भी व्यक्ति को दस हजार रुपए से अधिक का नकद लेनदेन नहीं कर सकता।
और दूसरा यह की केंद्र सरकार कई बार डिजिटल इंडिया की बात में सभी प्रकार के भुगतान को डिजिटल पद्घति से करने पर जोर दे रही है।
वैसे जिले की अन्य मंडियों में सिर्फ दस हजार रुपए ही नकद देने की व्यवस्था है। इस तरह मंडी सचिव का यह आदेश किसी भी तरह से व्यवहारिक नहीं लगता है ।